उड़ता हुआ एक ख़्वाब

 
मैं उड़ता हुआ एक ख्वाब हूँ
साहिल से मिलने को दरिया बेताब हूँ
आग है मुझमें, मुझमें है पानी
मैं खुदा की नेमत लाजवाब हूँ

थाम लो मुझको जो थाम सको तो
आंक लो मुझको जो आंक सको तो
आसमान का रास्ता मुझसे
रब का वास्ता मुझसे
मैं अरमानो का उमड़ता एक सैलाब हूँ
मैं उड़ता हुआ एक ख्वाब हूँ
मैं उड़ता हुआ एक ख्वाब हूँ ..

2 comments:

Raphael said...

very very free and flowing poetry, dreamy and whimsical.....good one

niks said...

mast yaar..:)