चंद शब्द



आज आखिर वक़्त मिला तो
सोचा चंद शब्द लिख लूं

बयां हो पाए शायद दिल का हाल
तौल पाऊं शायद ये खालीपन
कसक सी रहती है जो हरदम
जो कहना चाहता हूँ हमेशा
बिना बातों की बातें
करवट बदलते जो काटी हैं रातें
ये सूनापन ये ख़ामोशी
शायद लिख पाऊं ..

आज आखिर वक़्त मिला तो
सोचा चंद शब्द लिख लूं
कुछ फ़साने बयां कर पाना लेकिन
मुमकिन नहीं होता..

2 comments:

Misha said...

waah ustaad! :D

Aha!DITYA said...

shukriya ustaad ;)