डर

कौन अपना है कौन पराया है
किस्सा ये फिर एक बार दोहराया है
कशिश मीठी होती तो क्या बात थी 
यहाँ तो बस घुटन का साया है

ज़िन्दगी बीत गयी खुद को आजमाने में
सारे रिश्ते छूट गए आने जाने में
किससे कहें किससे छुपायें
अब तो डर लगता है दिल की बात बताने में.



2 comments:

Dushyant said...

Kiska hai ye tumk, intezaar main hu na,
Dekh lo idhar to, ek baar main hu na,
Khaamosh kyu ho, jo bhi kehna hai kaho,
Dil chaahe itna, pyaar utna maang lo,
Tumko milega, utna pyaar main hu na...

Main hu na Adii? nO gROUP bhi? So just chill re pagle ;)

Aadii said...

:-)