हम तुम

Had tears in my eyes when I saw this pic today. The poet in me tried to capture what I felt into a few words. But no words are enough to express how I actually felt at that time. And you know what the ironic thing is, I fall in the category that I've described in the first lines of the poem.

तुम पिज़्ज़ा बर्गर में खुश नहीं हो,
हमें सूखी रोटी में खुश रहना आता है.
तुम बाल्कनी में बैठ बारिश देखते हो,
हमें भीगते हुए बारिश में नाचना आता है.
तुम शिकायत करते नहीं थकते,
हमें शिकायतों पे मुस्कुराना आता है.
तुम हम पर तरस तक नहीं खाते, 
हमें तुम पर तरस आता है.
तुम करवटें बदलते रहते हो रात भर,
हमें पलक झपकते ही टूट कर सोना आता है.
तुम जी जी कर मरते हो रोज़,
हमें रोज़ मरकर जीना आता है.

शाम

पाँव गुदगुदा कर
लहरें वापिस समंदर में छुप जा रही हैं
भीनी हवा से उलझे बालों को सुलझा सुलझा कर
मैं पानी में डूबते सूरज को देखता जाता हूँ
वहीं सूरज के ठीक नीचे एक छोटा सा जहाज
किसी सहमे बच्चे की तरह खड़ा हुआ है
आज beach पर कोई नहीं है
सिर्फ़ शरारती लहरों का शोर है
मैं ढेर सारी सीपियाँ बटोरता हूँ
छोटी बड़ी चमकीली डरावनी और सुंदर
कुछ सोचता हूँ
फिर एक एक कर उन्हे वापिस पानी में फेंकता जाता हूँ
पैरों को रेत में धंसा कर
महसूस करता हूँ नीचे की रेत को लहरों संग फिसलते हुए
सारे खेल वही हैं, वो पत्थर भी वहीं है
पानी में पैर डाल मैं बैठ जाता हूँ उसपर
सोच रहा हूँ कि कुछ ना सोचूँ
पर तुम बार बार आ जाते हो, अच्छा है
पत्थर अभी भी उतना ही uncomfortable है
मैं वैसे ही लहरों को पीछे धकेलता हूँ
लेकिन अब ये और ढीठ हो गयी हैं
आँखें बंद कर चेहरे पर नम हवा  को महसूस करता हूँ
मानो तुम छू रहे हो
यहीं बैठ हम घंटों बातें किया करते थे
'और बताओ, और बताओ..' का दौर कभी ख़त्म ही नहीं होता था 
समन्दर से, शाम से, और सारी दुनिया से अनजान हो जाते
लहरें तब भी थीं, लहरें अब भी हैं 
लाख कोशिशों के बाद भी लेकिन बात नहीं हो पाती
अब ये शाम शोर बहुत करती है..

Happiness





Remember when you were a kid, what happiness meant to you? 

An ice cream?
Your favorite TV show?
School announced to be off due to some election, or rain?
Arguing with all your might for a wicket in gully cricket?
Persuading your mother successfully to take you to the amusement park, or a movie?
Talking to your dog?
Your dad scrubbing your back while telling you a bedtime story for the umpteenth number of time?
Festivals?
Attention catching birthdays?
Your mom allowing you to hold your baby sibling?
Gossipping with your best friend for hours?

Happiness comes in strange ways.
Of course you didn't notice. You were too busy growing up! :) 

फुर्सत के काम



आँख बंद कर बैठना कभी
और झाँकना अंधेरे में
रंग बिरंगी लकीरों के बीच इठलाती
रौशनी दिखाई देगी

पानी को चख़ कर देखना कभी
तसल्ली से घूँट घूँट पीना
महसूस करना एक नन्ही नदी भीतर
ठंडक सी खिलखिलाई होगी

कभी उंगलियों से दोनो कान बंद करना
टटोलना तूफान लहू का
चीखते सन्नाटे में एक मासूम
धड़कन सुनाई देगी

भीनी मिट्टी की सौंधी खुश्बू को कभी
साँस बनाकर एक होना
बाहर छोड़ देना वक़्त को
ज़िंदगी परछाई होगी

और कभी किसी बच्चे की अधखुली मुट्ठी में
हौले से अपनी उंगली थमाना
रूह को गर्माहट और देखना चेहरे पर 
मुस्कुराहट एक नयी खिल आई होगी