For a change



इधर उधर की
ना जाने किधर किधर की
बातें
इसके बारे में उसके बारे में
हर किसी के बारे में
अपनी अपनी राय
अपने अपने Judgement
तरह तरह के Complications
हज़ार तरह के ख्याल
ऐसा होता काश वैसा होता
मन में दोहराते चीज़ों को
जज्बातों को 
मुलाकातों को
कभी चुप रहके देखो
बिना कारण बेवजह मुस्कुरा कर देखो
बिना तोले बिना मोल भाव करे
रिश्ते निभा कर देखो
For a change 
अच्छा लगेगा ..

1 comment:

Anonymous said...

kya baat hai lallu,mast hinglish poem likhe ho

http://blondmedia.blogspot.in/