नज़र के उस पार ~


देखो नज़र के उस पार
कुछ घर बसे हैं सहमे से
चिमनियों में से उठता धुंआ
गवाह है कि रिश्तों की गर्माहट अब भी बाकी है
वक़्त की आंच पर पकने रखे हैं कुछ वादे
देखो नज़र के उस पार
एक पगडंडी है घरों से लगी हुई
जो दूर शहर को जाती है
आती भी है क्या ये पता नहीं?
मटमैले घरों की खिड़कियाँ मगर एकदम साफ़ हैं
यहाँ से नज़रें दिन में पगडंडी से इश्क लड़ाती हैं
इंतज़ार का दर्द क्या कम था जो इश्क मोल ले लिया?
देखो नज़र के उस पार
इमली के पेड़ों की टहनियों पर कुछ टिक-टैक-टो खुरचे हुए हैं
गर्मियों की वो दोपहरें दिखाई पड़ती हैं इन्ही पेड़ों पर से
तब जाने क्यूँ पैर नहीं जला करते थे?
और नदी पर देखो नया डैम बन गया है छोटा सा
मछली पकड़ने अब सब वहीँ जाते हैं
घरों से लगा हुआ ही एक कुआँ है
एक दिन तुम्हे ढूंढते-ढूंढते माँ ने उसमें भी आवाज़ लगा कर देखी थी
बूढ़ा कुआँ बेचारा आजकल पलट कर बात नहीं कर पाता
वहीँ कुएं की मुंडेर पर तुम्हारी बातों के सिलसिले पड़े हैं
कुएं से सटी हुई एक बगिया है
चहल-पहल के खाद-पानी में अच्छी सब्ज़ियाँ हो जाती थीं
ख़ामोशी तो बस खरपतवार जनती है
देखो नज़र के उस पार
बहुत कुछ है
खुरदुरे कम्बलों में लिपटी जाड़ों की रातें
धूल धुसरित बकरियों के झुण्ड
स्कूल के पीछे वाला क्रिकेट ग्राउंड
शाम के रंग में घुली पंछियों की हंसी ठिठोली
भूरी पहाड़ी की गुफा में सुस्ताते शंकरजी
बिस्तर के नीचे रखा यादों का बक्सा
जर्जर सहमे से घर
और कुछ गूंगी आँखें
सब उसी पगडण्डी को तकते हैं
जिसपर दौड़कर तुमने उड़ान भरी थी.

Prayer ~

Lord,
Please protect me from my wants.
May I not receive more laurels than I deserve.
Please take care of my needs.
May I meet beautiful strangers.
Please forgive me for not being thankful enough.
May I learn to carve out dance steps from falls in life.
Please grant me the rationals to 'believe'.
And may I never become the man I don't want to. Or want to.
Amen.

Fly ~

In the land of beautiful thoughts and mesmerizing sights
Of fearless escapades and silent symphonies
Where no one will ever judge you,
You will fly free among the birds - for you'll be the bird
Where there are no desires, no joys, no sorrows
Constant oneness is all there is, all there will ever be
In that land of love let me welcome you my dear
Close your eyes to see
Open your wings and jump
And fall to fly - for you're the bird.


Now ~

Monsoon.
A Green hill.
Clouds.
Wind chill.
Rain.
A Waterfall.
Hot tea.
A balcony.
You.
Me.
And the wordless whispers of now.

बस यूँ ही


These are the 1 liner shayaris / couplets / poems / observations that I keep posting on Twitter.

तुम क्या पढोगे किताबें और क्या सीखोगे तजुर्बे से / गिरकर संभलना किसी बच्चे से सीखो ~ 

हंसो जो दर्द में तो एहसास होता है / मुस्कुराना कितनी बड़ी बात होता है ~ 

दिन बेचकर रातें खरीदी हैं / ये भी अपनी ना हुई तो फिर कौन है अपना? ~

सूरज संग उगते लोग सूरज संग डूबते लोग / रातों को उठ उठ कर घर में घर ढूंढते लोग ~ 

बारिश की बूँदें हैं या लड़ी आसुओं की / खुदा इंसान की हालत देख मुस्कुराता तो नहीं होगा ~ 

मिलेगा दुनिया में सब कुछ गर चाहो इतनी शिद्दत से / किसी मासूम बच्चे के हाथ chocolate की ओर बढ़ते हैं जैसे ~ 

बरसों बाद आज दिखी वो तो होठों पर हंसी आ गयी कुछ इस तरह / किताब में सूखा पड़ा गुलाब खिल उठा हो दोबारा जिस तरह ~

सोच समझ कर लफ्ज़ रखना किसी की हथेली पर / छालों के कुछ निशां जाते नहीं हैं ~ 

रिक्शे वाले को लड़ लड़कर बीस रूपये दिए / और फिर मॉल में जमकर शॉपिंग की ~

थोड़े सफ़ेद अँधेरे, चार मुरझाये फूल, चंद अधपके ख्वाब / टटोला खुद को तो बस ये मिला / रूह के निशाँ जाने क्यूँ मिलते नहीं? ~

उँगलियों पर गिन लेते हैं खुशियों को हम / हमसे तो अनपढ़ अच्छे ~ 

आँखों में ईमानदारी, साँसों में सच, रूह में गुलाबी खुशबुयें / बहुत खूबसूरत है चेहरा तुम्हारा ~ 

चाँद को मरोड़कर रख लिया उसने जेब में / ससुरा defective boomerang निकला ~ 

नर्म गद्दे पर AC की ठंडक में पड़े पड़े अक्सर सोचता हूँ / कि नींद छोड़ आया हूँ उसी कच्चे आँगन में पड़ी टूटी चारपाई पर ~

इस शहर का ये अजब उसूल है / जो ना हो सका अपनों का वो सबको कबूल है ~

नन्हे बच्चे से पूछा उसकी दोस्त मछली ने / घर के बाहर बड़ा अच्छा लगता होगा ना शाम को? ~

इन उथली आँखों में जाने कितने गहरे राज़ छुपे हैं / साथ बर्बाद किये वक़्त में यादों के शहर कई आबाद छुपे हैं ~