Two Answers


A million moments sprinkled across eternity.
Fearless ventures of the heart into the unknown.
Cheeks relishing confused wanderings of the tears.
Sanity redefined.
Moments of gratefulness and enormous joys.
Eyes full of unquestioned faith and infinite hopes.
Questions. Answer was, Love.

Lulls among the chaos.
Prayers among the curses.
The disguised blessings.
Melancholic evenings. Realizations.
Fragile thoughts eating up the diaries.
A million moments painted with fading colors.
Questions. Answer was, Life.

तूफान



आओ, एक बार आसमान से बातें करके देखें
सदियों से चुपचाप देखता आया है हमें
ये कुछ बोलता क्यों नहीं?

क्या क्या नहीं देखा है इसने
हमारी बचकानी हरकतें हमारी नादानियाँ
हज़ारों सालों में लिखी गयी ढेरों कहानियाँ
कितने खून ख़राबे कितने शोर शराबे
हमेशा से ही कुचले गये बेगुनाह प्यादे
धर्म के नाम पर बेवजह लड़ते-भिड़ते कटते-काटते लोग
जानवरों को बुरा कहने वाले जानवरों से बदतर ये लोग
वक़्त की उंगलियों पर नाचती हुई कठ-पुतलियाँ
और कठ-पुतलियों की आँखों से आज़ाद होती ख्वाब-तितलियाँ
अपने अपने खुदा से सौदेबाज़ी मिन्नतों की
ज़िंदगी नरक सी लेकिन उम्मीदें जन्नतों की
ग़लतफहमियों के दलदल में फंसे रिश्ते
और रिश्तों की दलदल में फंसे समाजी किस्से
दम घोंटता धुंआ कारखानों का, चौंधियाती रौशनी शहरों की
पेड़ों की साड़ी सहेजती सहमी धरा द्रौपदी सी
क्या क्या नहीं देखा है इसने

एक बार तो आसमान से बातें करके देखें
पूछें इससे कि क्या सोचता है?
क्या है इसके दिल में
न जाने कितने तूफान भरे बैठा है अपने अंदर
तन्हाई में रोकर बरसता तो है अक्सर
कभी कभी गुस्से में झल्लाकर गरजता भी है
मगर बोलता नहीं कुछ, बात नहीं करता
जवाब नहीं देता, सवाल नहीं करता
कहीं हमारी तरह ये भी डरता तो नहीं?
कि अगर फट पड़ा तो तूफान आ जाएगा..

बोर्नवीटा Bargain

A small poem dedicated to our childhood. How wonderful it is sometimes to escape the hassles of reality and revisit the fond memories of those times. Do share what's your favorite childhood memory in the comments. Take care.


नन्ही नज़रें जमी हुई हैं टेलीविज़न सेट पर
घड़ी की सुइयां शाम के 6:45 बता रही हैं
लेकिन मानो अभी 1 सेकेंड पहले ही शुरू हुआ हो Disney Hour
अलादीन, लिट्ल मर्मेड, टेल-स्पिन, डक-टेल्स, गमी बीयर्स,
गूफी, प्लूटो, मिकी माउस और डोनल्ड डक के कारनामे
आज टेल-स्पिन का स्पेशल एपिसोड है.

"चलो अपने कमरे में जाओ होमवर्क करना है ना खूब सारा!"
"बस 2 मिनिट ना मम्मी"
"नहीं.. थोड़ी देर पहले भी तो यही कहा था..बहुत हुआ अब चलो पढ़ने बैठो.."
"बस 2 मिनिट ना मम्मी"
"आने दो डैडी को.."

माँ ने डैडी वाला ब्रह्मास्त्र चलाया
छोटे मियाँ भी कम नहीं, पट से जवाब चिपकाया

"अच्छा मुझे मिल्क-बोर्नवीटा पीना है !"
"खुद बना लो, मिल्क अभी गरम किया है"
"आपके हाथ में मैजिक है, आप ही बनाओ ना"
"अच्छा ठीक है... पूरा पीना पड़ेगा... छोड़ा तो देख लेना !!"
"नहीं छोडूंगा ना मम्मी, अब जाओ टीवी देखने दो"

छोटे मियाँ आज फिर बहुत खुश हैं और सोच रहे हैं..
"माँ को आज फिर उल्लू बनाया झूठ पिलाया
15 मिनिट का और टाइम जो  है आया
मिल्क रेडी होने में और पीने में टाइम तो लग ही जाएगा
तब तक बलू अपनी टेल-स्पिन कराएगा... ही हा हा "

किचन में माँ खुश हो मुस्कुरा रही है.
मिल्क से हमेशा कतराने वाले छोटे मियाँ,
15 मिनट के चक्कर में मान गए.
आज फिर माँ को ज़्यादा अच्छी Bargain मिली है.