बारिश


बारिश.
किले के बरगद पर पानी की सरगम.
मचलती बूँदें.
सौंधी धरती.
अठखेलियाँ करती गंगा.
डोलती कश्तियाँ.
सूने प्रयाग के घाट.
बंद आँखें.
मंद सांसें.
बाहें फैलाए मदमस्त मैं.
आसमान से बरसते तुम.
सुकून.

Eyes

Tales of forever, castles of darkness
Longings of a lifetime, filthy deep sighs.

Flutter of wings, hopes of light
Quietly she comes, quietly she flies.

A bottle of rum, a company of strangers
Cheap jokes, lingering stories - well crafted lies.

Moments of madness, moments of bliss
Moments of laughter, moments of cries.

The look of indifference, the seething pain
You cannot hide, for you are your eyes.


जादूगर की टोपी


रात जादूगर की टोपी एक
खरगोश दर खरगोश निकलते अचंभे
पहली दफे में निकला चाँद
फिर टपका शबनम का आम
तीसरी बार में निकली ख़ामोशी
मुई ने बोर कर दिया इतना बोली
फिर आई यादों की टोली
यादें मीठी हैं इसलिए अच्छी लगती हैं
मासूम कोई नन्ही बच्ची लगती हैं
पीछे से आई ठंडी हवायें
साथ में लाईं खोई दुआएं
छठा निकला बादल का टुकड़ा
ये भी अपने घर से है उखड़ा
सातवाँ आया एक पुराना आँसू
गाँव में किसी अल्हड़ बच्चे सा भटकता हुआ
मचलते हुए पैर पटकता हुआ.
अँधेरा गहराया
जादूगर ने फिर टोपी पर हाथ फिराया
नहीं थम रही थी अचंभों की लड़ी
आँख जब थक कर सपनीली होने लगी
तब
और तब निकला वो लम्हा एक
जिसमें तुम्हे आख़िरी बार देखा था
तुम हंसे थे, मैं रोया था
वो आँसू अब भी उधार पड़ा है
वो सब्ज़ लम्हा अब भी वहीं खड़ा है
जाता नहीं
धुँधलाता नहीं
मैं धुँधला जाऊं, तो शायद धुँधला जाए.