इतना काम बस..


तुम इतना काम बस मेरा कर देना
जब मैं मिलने आऊँ तो दम भर लेना 
सर पर पैर रख भागती ज़िन्दगी में
दो पल ठहर
किसी फूल को जी भर तक लेना
इतना काम बस मेरा कर देना.

मुस्कुरा देना बेवजह
कहीं से कोई धुन गुनगुना लेना
सुर की पकड़ तो तुम्हे तब भी ना थी
कोई बात नहीं
गाने की acting ही कर लेना
इतना काम बस मेरा कर देना.

किसी बच्चे के मासूम सवालों से उलझ
उसके अचरझ को चख लेना 
ढील देकर थोड़ी,
अपनी पतंग को मजेदार डुबकियां देना
पतंग जो कट जाए अगर
पतंग संग थोडा तुम भी उड़ लेना
इतना काम बस मेरा कर देना.

मोहल्ले के खिसयाये बूढ़े दादाजी से
उनकी जवानी के चार छै किस्से सुन लेना
देव आनंद से romance,
दिलीप कुमार से drama सीखा है दद्दू ने
थोड़े इश्क निभाने के old school tips
और थोड़े रिश्तों के तजुर्बेकार नुस्खे
ज़रा उनसे ले लेना
इतना काम बस मेरा कर देना.

वक़्त निकाल दुनिया की formalities से
कुछ इस दुनिया पर
कुछ उस दुनिया पर
और कुछ यूँ ही हंस लेना
जब भी मैं मिलने आऊँ
मुझे आँखों में भर लेना
यादों का कारवाँ चल पड़ेगा
बेपरवाह लम्हों के सिलसिले मिलेंगे
उन लम्हों में रंग भर देना
मैं तुम्हारा ही बचपन हूँ
जब भी मिलने आऊँ
मिल लेना
इतना काम बस मेरा कर देना..



3 comments:

रश्मि प्रभा... said...

किसी बच्चे के मासूम सवालों से उलझ
उसके अचरझ को चख लेना
ढील देकर थोड़ी,
अपनी पतंग को मजेदार डुबकियां देना
पतंग जो कट जाए अगर
पतंग संग थोडा तुम भी उड़ लेना
इतना काम बस मेरा कर देना...waah

Vidisha said...

beautiful poem!!!! loved it!

Aadii said...

Thank you :)